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जिन (साधक) की इन्दि्रयाँ कुमार्गगामिनी हो गई हैं, वे दुष्ट घोडों के वश में पडे सारथी की तरह उत्पथ में भटक जाते हैं। - आचार्य श्री रामलाल जी म.सा.
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